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आज अटल बिहारी की पहली पुण्यतिथि, देशभर में उनको श्रद्धांजलि- BJP ने ट्वीट कीं उनकी ये कविताएं

आज अटल बिहारी की पहली पुण्यतिथि, देशभर में उनको श्रद्धांजलि- BJP ने ट्वीट कीं उनकी ये कविताएं

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने महान नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहली पुण्यतिथि पर शुक्रवार को उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

भाजपा ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘‘भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष, असंख्य कार्यकर्ताओं के पथ प्रदर्शक और हमारे प्रेरणा स्रोत भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि।’’

पार्टी ने एक वीडियो के साथ अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘मां भारती को विश्व में गौरवान्वित करने वाले श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को भावभीनी श्रद्धांजलि।’’

भाजपा ने अपने दिग्गज नेता द्वारा लिखी गईं कुछ कविताएं भी पोस्ट कीं।

‘‘भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता जागता राष्ट्रपुरुष है। इसका कंकर-कंकर शंकर है, इसका बिन्दु-बिन्दु गंगाजल है। हम जियेंगे तो इसके लिये मरेंगे तो इसके लिये।’’

वाजपेयी जी के निधन को ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने व्यक्तिगत छवि बताया था। हो भी क्यों न, पटनायक को बीजू जनता दल के गठन के दिन याद आए होंगे। क्योंकि इसे खड़ा करने में राजनीति के पितामह अटल बिहारी वाजपेयी का बड़ा योगदान था।

बीजू जनता दल का जन्म 1997 में हुआ था। तब वाजपेयी के निकट सहयोगी प्रमोद महाजन का ओडिशा से गहरा रिश्ता था और वह यहां के नेताओं से बातचीत करते थे। खासकर जनता दल से जुड़े लोगों से भी। बीजेडी के संस्थापकों में से एक विजय महापात्र बताते हैं कि वाजपेयी जी क्षेत्रीय पार्टी गठन के लिए उत्साहित करते थे। बीजू जनता दल को एनडीए में लाने और विशेषकर भाजपा से गठजोड़ में भी उन्हीं का योगदान माना जाता है। नवीन दो साल तक वाजपेयी कैबिनेट में रहे।

पटनायक परिवार से गहरा नाता

स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी से पटनायक परिवार का नाता पुराना है। वर्ष 1977 में मोरार जी देसाई की सरकार में वाजपेयी विदेश मंत्री थे तो बीजू पटनायक इस्पात मंत्री। दोनों की अच्छी मित्रता रही थी। यही नहीं विपक्ष के आरोपों के दौरान वह पटनायक की मदद भी करते थे।

महापात्र कहते हैं कि जब बीजेडी का गठन किया गया तो राष्ट्रीय स्तर पर वाजपेयी जी का पूरा सहयोग मिला। बीजेडी और भाजपा से गठजोड़ की घोषणा उन्हीं ने दिल्ली में की थी।

भाजपा-बीजेडी का गठजोड़ मिलकर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़ा। ओडिशा में भी गठजोड़ की सरकार बनी। एनडीए की सरकार में नवीन पटनायक कैबिनेट मंत्री बने। ओडिशा में नवीन के नेतृत्व में चुनाव लड़ा गया और 2000 में गठबंधन की सरकार राज्य में बनी।

बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि ओडिशा के लिए स्वर्गीय वाजपेयी के हृदय में विशेष स्थान रहा है। उन्होंने ओडिशा विकास की कोई भी परियोजना कभी नहीं रोकी।

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