स्वास्थ्य

82.10 करोड़ लोग हर रात भूखे सोने के लिए रहे मजबूर, एशिया में 12 परसेंट लोग कुपोषण से ग्रस्त

82.10 करोड़ लोग हर रात भूखे सोने के लिए रहे मजबूर, एशिया में 12 परसेंट लोग कुपोषण से ग्रस्त

वाशिंगटन: संयुक्त राष्ट्र फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गनाइजेशन (यूएनएफएओ) ने सोमवार को एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के आंकडे काफी चैकाने वाले हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में 82.10 करोड़ लोग हर रात भूखे सोने के लिए मजबूर थे। 2017 में इनकी संख्या 81.10 करोड़ थी। वर्तमान में दुनिया के 14.9 करोड़ बच्चे भूख की समस्या से जूझ रहे।

रिपोर्ट के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन और युद्ध से हालात के कारण विश्व में कुपोषण और भूखमरी की समस्या बढ़ी है। विश्व खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख डेविड बैसली के मुताबिक- हम 2030 तक शून्य भूखमरी का लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। यह मुश्किल है।

डेविड के अनुसार- मीडिया भूख से मरने वाले बच्चों की तुलना में ब्रेक्सिट और डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में ज्यादा बात करती है। यह एक गलत दौर चल पड़ा है। बगैर खाद्य सुरक्षा के हम दुनिया में शांति और स्थायित्व कायम नहीं कर सकते।

अफ्रीकी देशों में कुल जनसंख्या के लगभग 20 परसेंट लोग कुपोषण से ग्रस्त हैं। वहीं एशिया में यह 12परसेंट है। अगर लैटिन अमेरिका और कैरेबियन देशों की बात करें, तो यहां कुल जनसंख्या के 7 परसेंट लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।

उत्तर अमेरिका और यूरोप में 8 परसेंट लोग कुपोषण से ग्रस्त हैं। एफएओ के अधिकारी ने कहा- इस समस्या को दूर करने के लिए सभी देशों को मजबूत नीतियां बनानी होंगी।

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