गोवा

कर्नाटक के बाद अब गोवा में भी सियासी पारा चढ़ा

कर्नाटक के बाद अब गोवा में भी सियासी पारा चढ़ा

आज लोकसभा में कांग्रेस ने दोनों ही मामलों में नोटिस दिया। कांग्रेस को इस मामले में बाकी कुछ दलों का भी साथ मिल रहा है। लेकिन भाजपा ने भी कांग्रेस के आरोपों पर आक्रामक रूख अपना रखा है।

गोवा में कांग्रेस के 10 विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद वहां का सियासी तापमान भी लगातार ऊपर है। सभी विधायक इस समय मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ दिल्ली में हैं और आज उनकी मुलाकात बीजेपी अद्यक्ष अमित शाह समेत कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा से होगी।

सियासी घमासान तब शुरू हुआ जब कांग्रेस के कुल 15 विधायकों में से 10 विधायक ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया, जिनमें विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर भी शामिल हैं। कावलेकर के मुताबिक बीजेपी को मजबूत करने के इरादे से विधायकों ने ये फैसला लिया।

बीजेपी के साथ विलय के लिए 10 विधायकों की मिली चिट्ठी को कल विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर ने स्वीकार कर लिया। बीजेपी के लिहाज से इन विधायकों का उसके पाले में आना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब सदन में बीजेपी विधायकों की संख्या 17 से बढ़कर 27 हो गई है।

फिलहाल प्रमोद सावंत की सरकार को गोवा फॉरवर्ड पार्टी और निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है और अब गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा में सरकार के पास 33 विधायकों का साथ मिल गया है। इस साल मार्च में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के 3 में से 2 विधायक बीजेपी में शामिल हुए थे। गोवा विधानसभा का अगला सत्र 15 जुलाई से शुरू हो रहा है।

कांग्रेस से अलग होने वाले समूह का नेतृत्‍व विपक्ष के नेता चंद्रकांत कावलेकर कर रहे हैं और इसमें इसिडोर फर्नांडीस, फ्रांसिस सिल्‍वेरा, फिलिप नेरी रोड्रिग्‍स, जेनिफर मोंसेरात्‍ते, अतानासियो मोंसेरात्‍ते, एंटोनियो फर्नांडीस, नीलकंठ हलार्नकर, क्‍लाफेसियो डायस और विलफ्रेड डीसा शामिल हैं।

आज लोकसभा में कांग्रेस ने दोनों ही मामलों में नोटिस दिया। कांग्रेस को इस मामले में बाकी कुछ दलों का भी साथ मिल रहा है। लेकिन भाजपा ने भी कांग्रेस के आरोपों पर आक्रामक रूख अपना रखा है।

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